सोमवार, 6 अप्रैल 2020

कृत्रिम शवसन विधियाँ

                                      कृत्रिम शवसन विधियाँ 

नमस्कार दोस्तों हमारा आज का टॉपिक है कृत्रिम शवसन विधियाँ 
दुर्घटना  के समय यदि रोगी को सांस लेने में कठिनाई हो रही हो तो जीवन रक्षा हेतु कृत्रिम श्वसन देना आवश्यक हो जाता   है।
 कृत्रिम श्वसन की 4 प्रमुख विधिया इस प्रकार हे।  
प्रत्येक विधि 1 मिनट में 10 -12 बार दोहराई जाती है। 



1 सिल्वेस्टर विधि >  जब रोगी के सीने पर छाले या घाव पड़े हो ,तो रोगी को पीठ के बल लेटाकर यह विधि प्रयोग की जाती है। इस विधि में रोगी के सीने पर दबाव डाला जाता हे ,जिससे फेफड़ो के अंदर की वायु बाहर निकल जाती हे एवं ढीला छोड़ने पर शुद्ध वायु फेफड़ो में प्रवेश करती है।  

2 शेफर विधि >  जब रोगी की पीठ पर छाले या घाव पड़े हो ,तो रोगी को छाती  के बल लेटाकर यह विधि प्रयोग की जाती है। इस विधि में रोगी की पीठ पर इस प्रकार दबाव डाला जाता हे ,जिससे फेफड़ो के अंदर की वायु बाहर निकल जाती हे एवं ढीला छोड़ने पर शुद्ध वायु फेफड़ो में प्रवेश करती है। 
3 मुँह से मुँह विधि > यह विधि सबसे कारगर विधि हे ,सबसे पहले रोगी के मुँह को साफ करके उस पर पतला जालीदार कपड़ा लगाए ,फिर रोगी की नाक को एक हाथ से बंद करके उसके मुँह पर मुँह रखकर दबाव  के साथ रोगी के मुँह में हवा भरे। 
इस विधि को आरम्भ करने के लिए अतिरिक्त   साधनो की भी आवश्यकता नहीं है।  

4 कृत्रिम स्वास यंत्र विधि > यह सबसे नवीनतम प्रचलित विधि है इसमें रोगी के मुह पर एक स्वास यंत्र लगाया जाता है।  



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